भारत की आजादी का सर्वप्रथम बिगुल जिसने बजाया था,
वह वीर सिद्धू ,कानू ,चांद ,भैरव आपस में सब भाई था.
हजारों सैनिकों की फौज खड़ा कर अंग्रेजों का नींद उड़ाया था ,
यह भूमि मेरी मातृभूमि है यह एहसास दिलाया था .
अन्ग्रेजो को जब तक ना भगाया इन्हें नींद कहां पर आया था.
गरीब किसानों के जीवन पर कर्ज का जब बादल मन्डराया था ,
इन्हीं क्रांति वीरों ने इन्हें अंग्रेजों से बचाया था .
भारत की आजादी का सर्वप्रथम बिगुल जिसने बजाया था ,
वह वीर सिद्धू कानू चाँद भैरव आपस में सब भाई था.
जल,जंगल,जमीन की खातिर जिसने अपना जीवन गंवाया था,
अपने तीर के बल पर अंग्रेजों को नानी याद दिलाया था .
किसीने कहा आजादी तो चरखे से आया था,
तो इन वीरों ने तीर क्या अंग्रेजों के स्वागत में चलाया था .
हूल की हुंकार भरो और दहाड़ कर कहो आजादी तो तीर से ही आया था.
भारत की आजादी का सर्वप्रथम बिगुल जिसने बजाया था,
वह वीर सिद्धू कानू चांद भैरव आपस में सब भाई था.
गुरुकुल एकेडमी के विद्यार्थियों ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस..!
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वर्तमान शिक्षा का उद्देश्य..!
माँ का दुलार व पत्नी का प्यार..!
व पत्नी की क्या माया है..!
एक धरती पर लाया तो
दूसरे ने साथ निभाया है..!!
एक माँ जिसने तुम्हारी
काया को रगड़-रगड़ नहलाया है,
तो दूसरे ने मन के बोझो को
कोसों दूर भगाया है.
जब डरा करते थे बचपन में
पल्लू में मां ने छुपाया है ,
वह त्याग कम है क्या
जो तुम्हारा साथ निभाने
अपनों से दूर आया है.
तुमने तो मां का दुलार
व पत्नी का प्यार पाया है,
फिर क्यों अपना चेहरा
रुमाल से छुपाया है,
ओ मां ने मारी
व पत्नी से डांट खाया है,
जरूर तुमने व्रत वाले दिन
बिना नहाकर खाया है .
दोष तो अपना है
और कहते हो सब पराया है,
तो सुनो-नसीब वालों ने ही
मां का दुलार व पत्नी का प्यार पाया है..!
मेरा सपना :- अखंड भारत..!
अखंड भारत की दिशा में
राष्ट्र ध्वज लहराया है..!
आज काश्मीर का दिल जीत कर
माँ भारती का सम्मान बढ़ाया है...!
अनेको हुए बलिदान यहां पर,
अनगिनतो ने गोली खाई है..!
बहुतों ने अपने रिश्ते खोये,
लाखों ने रक्त बहायी है...!!
मेरी मातृभूमि
केवल जमीन का टुकड़ा नहीं ,
यह त्याग व समर्पण की कमायी है ..!
अब राष्ट्र को और टूटने ना देंगे,
यह कसम हमने खाई है...!!
अखंड भारत की दिशा में
राष्ट्र ध्वज लहराया है..!
आज काश्मीर का दिल जीत कर
माँ भारती का सम्मान बढ़ाया है...!
घाटी भी अब जाग उठा है,
राष्ट्र भक्तों के गान से..!
अब ना रुकने वाले हैं हम ,
फहरेगा तिरंगा शान से ...!!
आतंक भी अब कांप उठा है ,
सेना के वीर गान से ..!!!
हमने भी जीवन त्याग दिया है,
राष्ट्र धर्म के नाम से...!!!!
अखंड भारत की दिशा में
राष्ट्र ध्वज लहराया है..!
आज काश्मीर का दिल जीत कर
माँ भारती का सम्मान बढ़ाया है...!


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