01 जनवरी 2020

आलेख :- उमा साव..! الخ :- ام سو

नए साल में शुभ संकल्प लें हम और आप..!
नए वर्ष के आगमन ले साथ 2019, 31 दिसंबर का सूर्य अस्त होने के बाद 2020 पहली जनवरी का सूर्य विश्व पटल पर नया परिचय लेकर उदय होगा. कल और आज के सूर्य की लालिमा में कोई अंतर नहीं. सूर्य की लालिमा उर्जावान थी और रहेगी. यह सकारात्मक सोंच को उत्पन्न करने को प्रतिदिन क्षितिज पर छा जाती है.
नया साल क्या संदेश देना चाहता है. यह नए साल के शोर में गुम हो जाता है. नए वर्ष को उत्सव के रूप में मनाते हुए मानवीय संवेदनाएं दृष्टिगोचर हो जाना अनिवार्य है. हमें संकल्प लेना चाहिए कि भारतवासी एक जुट हो कर संभावित विचारधाराओं को अखंड भारत की मजबूती के लिए प्रभावित करें. विगत वर्ष भारत की धरती अनायास ही जातिवाद की आग में तप गयी. अनायास ही बिना कारण अराजकता का माहौल उत्पन्न कर देना. अतिशयोक्ति किसी भी कोण से सही नहीं है. 
नए साल में शुभ संकल्प लें हम और आप समग्र भारत की भारत के अंदर अस्थिरता के माहौल को ना पैदा करें. प्रत्येक भारतवासी अपनी जिम्मेदारी और नैतिकता का संवर्धन करें. प्रखर बेला में जब नए वर्ष का आरंभ होता है.यह सुखद सम्पन्न सद्भावना को लिए हमारे आपके जीवन में प्रवेश करे. मन, कर्म , वचन, वाणी से सुबोध हो कर भारतीय एकता बनी रहे. नया दृष्टिकोण अपनाएं भारत को जातिवाद से विलग कर दें. यह महत्वपूर्ण हो गया है.क्योंकि यही गतिरोध भारत में उत्कृष्ट भूमि तैयार करने नहीं देती है. भारतवासी स्वस्थ मानसिकता से राजनीति आर्थिक व सामाजिक प्रगति में अपना योगदान देने को संकल्पित हो. शिक्षा महत्वपूर्ण होती है. शिक्षाएं कैसी विचार धाराओ को पोशित करती है.यही विचार धाराएँ वक्त बेवक्त प्रत्यक्ष हो उठती हैं. शिक्षाएं समष्टि शक्तियां प्रदान करें. शक्तियो का अवलोकन हो. कटु आलोचना से परस्पर विरोध पनपता है. इसलिए देश के संदर्भ में राजनीतिज्ञ द्वारा समालोचना होनी चाहिए. 
जीवन के नए आयाम में सहिष्णु शब्दों को आत्मसात करके, मैं और आप नए वर्ष का जश्न मनाएं. नए वर्ष को नए शुभ संकल्प, नई सोंच, नया उद्बोधन देश हित में एक हो कर, एकता से जुड़ कर।

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क्या मै वाकई मे स्वतंत्र हुँ....??  मै पूर्व परिचित थी। राष्ट्रीय नायिका बनने पर। मै जानती थी।ये राष्ट्र मुझे सुरक्षा देगा। मेरे अधिकारो के प्रति मुझे सजग होना सिखलाया है इस भूमि ने।भारत भूमि के प्रति जो शब्द समर्पित रहे। मेरे जीवन मे। अब यही शब्द मेरे जीवन की न्यायिक प्रक्रिया मे मेरा साथ देंगे। देश की विकास और प्रगति तभी होती है। जब प्रत्येक जीवन के उन्नयन तक आत्म सम्मान और नैतिक मूल्यों का संवर्धन हो। अपनी भारत भूमि के लिये मैने अपनी उत्कृष्ट सोच को अपने नजरिये से विकसित किया।ताकि यह भूमि भ्रष्टाचार से मुक्त हो संविधान से उपर उठ कर क्या किसी संस्था को अधिकार है कि वो अनैतिकता का बीजा रोपण करें इस भूमि पर। व्यक्तिवादी संकीर्ण सोच पर पूरा समाज गंदा हो जाये तो ऐसी सोच को दमित करना ही हमारी/आपकी प्राथमिकता होनी चाहिये/ कर्त्तव्य बोध मे जीवन की मुलत: बनी रहती है। हमारा समाज अच्छाई को लेकर निरंतर प्रगति पथ पर गतिमान रहे। इसके लिये जरूरी होता है परिवार,समाज, राष्ट्र को भ्रष्टाचार से मुक्त रखना। अनैतिक और भय मुक्त जीवन से निर्गत होकर अपनी भूमि पर सर्वोच्च मानसिकता को रेखांकित करना ही मेरे जीवन का एक मात्र ध्येय है। बचपन मे नंगे पाँव जब मै कच्ची राहो मे दौड़ती हुई स्कुल मे प्राथमिक शिक्षा हासिल करने पहुंची थी। मैने पहला पाठ पढ़ी थी कि मेरा देश का नाम भारत है। हमारा देश अंग्रेजों के नियंत्रण से मुक्त हुआ 15 अगस्त 1947 को। स्वतंत्र देश मे (मै) जन्मी/पली/बढ़ी हुँ। आज मै यौवन अवस्था की दहलीज मे खड़ी एक खनक सी होती है। झंकृत होता है मेरा अन्तर्मन। कि क्या मै वाकई मे स्वतंत्र हुँ। नही इस उत्तर मे मेरे जीवन का प्रयुत्तर ठहर गया है। मै पराधीन हुँ। समाज के संकीर्ण मानसिकता मे मुझे व्यक्तिगत स्वतंत्रता चाहिए। अपनी अभिव्यक्ति, अपनी विचारधारा, अपनी सोच,अपने जीवन के निर्णय लेने के लिए मै स्वतंत्रता चाहती हुँ।मै ऐसी शिक्षा प्राप्त करना चाहती हुँ। जो मुझे अपने संवैधानिक अधिकारो को प्राप्त करने के लिए।मेरी निजता पर सवाल न करे। एक मामूली सी मामूली लड़की (मै) मेरे होने का अर्थ इस लोकतंत्र राष्ट्र मे कितना अहमियत रखता है। राष्ट्र के साथ (मै) सैन्धानतिक रूप से जुड़ कर स्वतंत्र होना चाहती हुँ। औरत को अपना जीवन रिश्तो की दरार मे फटी एड़ियों मे अपना अक्स देखने की आदत सी पड़ गयी है।मै अपनी मूल्यो को अपनी विचारधारा की पृष्ठभूमि पर रेखांकित करना चाहती हुँ। मुझे स्वतंत्रता चाहिए। साथ ही संवैधानिक अधिकार भी। एक आम आदमी की आवाज दमित नजर आती है। उसे पूरी तरह से भरोसा हो कि वे भी इस राष्ट्र के प्रति कर्त्तव्य निष्ठ होकर जीवन यापन कर सकता है। इस राष्ट्र के विकास मे इस देश की छोटी- छोटी भू-भाग मे एक-एक आदमी के सपने पूरे नही हो पाते है। क्योकि संवैधानिक अधिकार पर किसी समाज के बाहुबल हाथो का हस्तक्षेप नही होता है। सपोर्ट नही होता है। भ्रष्ट समाज की महानुभाव की। टूटेगी यह मिथ्या धारणा की हमारे समाज मे प्रति व्यक्ति अपनी संवैधानिक अधिकारों के लिये स्वतंत्र होना चाहता है। भ्रष्ट सिस्टम के हिस्से से मुक्त होकर वह अपने मूल अधिकारों व अपने मूलतत्व को अपने जीवन मे आत्मसात करके। स्वतंत्र देश मे स्वतंत्र होकर जीना चाहता है। आम से आम मामूली से मामूली व्यक्ति भी अपने सपनो को पूरा कर सकेगे जब हमारा समाज भ्रष्टाचार मुक्त होगा। भ्रष्ट समाज की मानसिकता मे जकड़ी  हुयी पराधीनता मुझे स्वीकार्य नही है। अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मै अपील करती हुँ। गणतंत्र की भीड़ से अपने संवैधानिक अधिकार प्राप्त करना चाहती हुँ।

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शब्दो में जीत हासिल करना चाहती हुँ....
शब्दो में अर्थपूर्ण की स्वीकृति अथवा सहमति है।
शब्द अंतछोर तक तुमको अपने जीवन मे  आत्मसात करना चाहती हुँ।
संर्पूणता को प्राप्त करता ये शब्द सिलवटो पर जीवन की व्यख्या करता है।
लिखती हुँ जब इन शब्दो को परोक्ष या अपरोक्ष 
ये हमारे जीवन की प्रतिबद्धता को प्रत्यक्ष करता है।
शब्द मुझे अनुशासित एंव सहनशील बनाता है।
ताकि मैं खड़ी रहुँ समाजिक चुनौती के लिए।
व्याख्या कर सकु जीवन के मूल्यो की।
जो सामाजिक बहिष्कार मे दमित नजर आते है।
शोषित है ये समाज अपने ही संकीर्ण मानसिकता पर लज्जित नही होती।
ये अपनी ही अशब्दो की सीमाहीनता पर 
शब्दो ने बहुत कोशिश की इन्हे अपनी परिधि में बाधने  की
शब्द के खंडित होने पर सामाजिक संरचना असंतुलित हो जाती है।
सामाजिक दायित्व के निर्वाह हेतु बंधना पड़ा है।
शब्दो के ज्वलंत मुद्दो पर सामाजिक सरोकार पर ये शब्द धुव्रीकरण होता गया है।
ताकि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक दुसरे के प्रति परस्पर सहयोग देता रहे.
सामाजिक मूल्यो के प्रति।
निशब्द पर भी चोट करते है ये शब्द तब जाकर भारतवर्ष का निर्माण हुआ है।
इसकी गरिमा इसकी संप्रभुता हमारे हाथ मे है।

05 नवंबर 2019

रचना :- विवेक कुमार पासवान "गोलू"

गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती धूम-धाम से मनाई गयी..! 
निकली भव्य शोभायात्रा..!
साहिबगंज :- 05/11/2019. गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग साहिबगंज के द्वारा श्री गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाशोत्सव धूमधाम एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया..! श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अगुवाई में नगर कीर्तन शोभा यात्रा निकाली गयी..। शोभायात्रा तलबन्ना स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा पब्लिक हाई स्कूल के पास से महाजन पट्टी, चौक बाजार, गांधी चौक, स्टेशन चौक, कॉलेज रोड होते हुए चैती दुर्गा मंदिर सकरुगढ़ तक गयी..! वहां से पुनः कॉलेज रोड, स्टेशन रोड, पटेल चौक, बाटा रोड होते हुए गुरुद्वारा वापस आई..! श्री अखंड पाठ साहिब प्रारंभ होगा जो 12 नवंबर को पुर्वाह्न् में समाप्त होगा..! इसके बाद तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के हजूरी रागी जत्था भाई रविंद्र सिंह एवं साथी द्वारा गुरुवाणी कीर्तन होगा तथा गुरु का लंगर वितरण कार्यक्रम होगा..।

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अक्षय नवमी व्रत कथा में उमड़ी महिलाओं की भीड़..! 
साहिबगंज :- 05/11/2019. पुलिस लाइन शिव मंदिर में मंगलवार को अक्षय नवमी व्रत कथा के अवसर पर उमड़ी महिलाओं की भीड़..! महिलाओं ने आंवला वृक्ष की पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की और पेड़ के नीचे भोजन पकाकर पंडितों को खिलाया तथा खुद भी ग्रहण किया। मान्यता है कि अक्षय नवमी के व्रत से संतान, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा आंवले पेड़ के नीचे बैठने और भोजन करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।महिलाओं ने वृक्ष की पूजा-अर्चना की तथा दीप जलाए और एक-दूसरे की मांग में सिंदूर डाले। वृक्षों की परिक्रमा कर मौली बांधने के बाद पंडितों से कथा श्रवण किया तथा उसके बाद भोजन पकाकर पंडितों को खिलाने के बाद खुद ग्रहण किया। इस दौरान पंडितों को भतुआ यानी कोहड़ा का भी दान किया गया। माना जाता है कि यह व्रत धनञ्जय एवं कृष्ण भगवान का व्रत है जिसे महिलाएं अपने पुत्र, पति एवं परिवार के शांतिमय जीवन- यापन करने के लिए करती है..! कहा जाता है कि इस व्रत के करने से सभी पापों से मुक्ति हो जाती है..! यह व्रत आमला के वृक्ष में कच्चा धागा बांध कर एवं वृक्ष के नीचे धनजय एवं भगवान कृष्ण की कथा ब्राह्मणों द्वारा सुनकर की जाती है।

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देश के शहीदों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता :- अनंत..! राजमहल विधायक अनंत ओझा ने किया शहीद नायक सुबोध कुमार सिंह स्मारक का शिलान्यास..! 
साहिबगंज :- 25/10/2019. नगर परिषद क्षेत्र वार्ड नंबर 19 वाणिज्य कार्यालय के समीप चौक पर शहीद नायक सुबोध कुमार सिंह की स्मृति में बनने वाले शहीद स्मारक का शिलान्यास राजमहल विधायक अनंत ओझा ने किया..! विधायक ने कहा कि शहीद नायक सुबोध कुमार सिंह ने देश की रक्षा करते हुये अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है..। शहीद नायक सुबोध कुमार सिंह ने साहिबगंज और इस क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है..। इसलिए उनकी स्मृति में शहीद स्मारक का निर्माण कराया जा रहा है..। उन्होंने कहा कि शहीद की स्मृति में सुंदर व भव्य स्मारक का निर्माण किया जायेगा..। विधायक अनंत ओझा ने कहा कि देश के शहीदों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता..। यह शहीद स्मारक क्षेत्र के युवाओं को शहीदों की याद व उनमें देश भक्ति का जोश भरता रहेगा..। शिलान्यास कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष श्रीनिवास यादव, उपाध्यक्ष रामानंद साह, भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज पासवान, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष गौतम यादव, युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष प्रशांत शेखर, उपाध्यक्ष विकास पासवान, रोशन पासवान, अभिषेक गुप्ता, पवन सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे..!


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तेज रफ़्तार मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर, दुर्घटना में एक गंभीर रूप से घायल, मोटरसाइकिल चालक मोटरसाइकिल लेकर फरार.! 
साहिबगंज :- 24/10/2019. जिरवाबाड़ी ओ०पी० थाना क्षेत्रअंतर्गत लोहंडा निवासी दुर्गा मुंडा उम्र 30 वर्ष, पिता चमरू मुंडा बुधवार को लगभग 11:30 बजे अपने घर से निकल कर किसी काम के लिए बाजार जा रहे थे तभी बोरियों की ओर से तेज रफ्तार में आ रही मोटरसाइकिल ने दुर्गा मुंडा को जोरदार टक्कर मार दिया..! जोरदार टक्कर में वह सड़क पर गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया..! यह देख मोटरसाइकिल चालक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया..! घटना के बाद आनन-फानन में लोहंडा के स्थानीय ग्रामीणों ने घायल दुर्गा को 108 एम्बुलेंस से साहिबगंज सदर अस्पताल लेकर पंहुचा..! जहाँ डॉ० मोहन पासवान के द्वारा उनका इलाज किया गया..।

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विदाई समारोह..!
बैडमिंटन संघ साहिबगंज ने निवर्तमान पुलिस अधीक्षक हृदीप पी० जनार्दन को किया सम्मानित..! विदाई समारोह में बैडमिंटन रैकेट देकर सम्मानित किया..। 
साहिबगंज :- 24/10/2019. बैडमिंटन संघ साहिबगंज की ओर से निवर्तमान पुलिस अधीक्षक हृदीप पी० जनार्दन को  विदाई सह सम्मान समारोह कार्यक्रम चांद भैरव इंडोर स्टेडियम साहिबगंज में सम्मानित किया गया..। निवर्तमान पुलिस अधीक्षक ने का कहा कि साहेबगज हमें अपने राज्य केरल की याद दिलाती है जो प्रकृति का अनुपम उदाहरण है यहाँ हरियाली ही हरियाली जो राजमहल पहाड़ों में दिखता है, उसे सुरक्षा संरक्षण व संवर्धन की आवश्कता है..! करोड़ों साल का पहाड़ हम सभी को लुभाता है..। साहेबगज के आम लोग बहुत अच्छे, शांति प्रिय है..। डॉ० रणजीत कुमार सिंह ने कहा की हृदीप पि० जनार्दनन एक अच्छे पुलिस पदाधिकारी, एक अच्छे खिलाड़ी, एक अच्छे इंसान एवं जनता के साथ संवाद में अपनी रुचि रखने वाले साहिबगंज जिले को भयमुक्त, अपराध मुक्त, अमन चैन के लिए लगातार नई पहल नए प्रयास से अच्छा माहौल दिया, लगभग डेढ़ साल सेवा के बाद रांची स्थानांतरित कर दिया गया..। संघ उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है साथ ही उन्हें अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति, समृद्धि-वैभव प्राप्त हो यही कामना करता हूं..। साथ ही प्रोमोशन होकर पुनः साहेबगज आए यही कामना करते हैं..। वे जहाँ भी रहे अपने सेवाकाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सर्वोच्च स्थान को प्राप्त करें, यही भगवान से आराधना करता हूं..।आप जहां भी रहे खुश रहें हम साहिबगज वासी हमेशा आपको याद रखेंगे..। अनुमंडल पदाधिकारी पंकज साव के साथ जिला बैडमिंटन संघ के जय किसान शर्मा, नवीन भगत, अनुराग कुमार सिंह, संजय सिन्हा, संजय दीवान, संदीप दीवान, मोहन, मनोज, कासी, बच्चू लाल सहित संघ के अन्य सदस्य समारोह में उपस्थित थे..। विदाई समारोह में उन्हें बैडमिंटन रैकेट देकर सम्मानित किया गया..।